चुंबकीय आघूर्ण M वाली धारा प्रवाही कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र B मे रखा जाता है। आरंभ मे चुंबकीय क्षेत्र कुंडली के तल के लम्बवत होता है और फिर कुंडली को अक्ष के अनुरूप इस प्रकार घुमा दिया जाता है कि चुंबकीय क्षेत्र और कुंडली के तल के बीच का कोण शून्य हो जाता है। फिर सही कथन चुनिये-
1
कुंडली पर प्रारंभिक बल आघूर्ण अधिकतम था।
2
कुंडली पर अंतिम बल आघूर्ण अधिकतम था।
3
कुंडली की प्रारंभिक स्थितिज ऊर्जा शून्य थी।
4
सभी सही है।