मान लीजिए कि A और B दो 3 × 3 आव्यूह इस प्रकार हैं कि A ≠ B, A2 = B2, AB = BA और A2 + 2A + I = 0 जहां I तत्सम आव्यूह है। माना |T| किसी भी आव्यूह T के सारणिक को निरूपित करता है। तब
1
|A| ≠ 0 और |A + B| = 0
2
|A + B| ≠ 0 और |A| = 0
3
|A| ≠ 0 और |A + B| ≠ 0
4
|A| = 0 और |A + B| = 0