परिवर्तनीय ऋणपत्र वे हैं जिन पर-
1
देय संचित ब्याज को समता अंशों में परिवर्तित किया जाता है
2
जब कंपनी घाटे में चल रही हो तो ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता है
3
ब्याज देय होता है और यदि भुगतान नहीं किया जाता है, तो लेखांकन चलता रहता है
4
ऋणपत्र धारकों के विकल्प पर समता अंशों का आदान-प्रदान किया जा सकता है