पादप प्रजनन तथा आनुवंशिक अभियांत्रिकी के संन्दर्भ में निम्नांकित कौन-सा एक कथन सही है?

1
एक परजीनी पौधे में एक विषमजात जीन की उच्च अभिव्यक्ति प्राप्त करने के लिए सामान्यतया जीवाण्विक उद्भूत उन्नायक का उपयोग होता है।
2
अल्प आनुवंशिक विविधतायुक्त अंतः प्रजात क्रमों के प्रसंकरण से उत्पन्न F1 संततियों में संकरओज दिखने की उच्च संभावना होती है।
3
एग्रोबैक्टिरियम मध्यस्त पादप रूपान्तरण मे, पोषिता संजीन में सर्वदा पारजीन की एक प्रतिलिपि अर्न्तस्थापित होता है।
4
गुणात्मक विशेषकें सामान्यतया क्रम विच्छेदी लक्षणप्ररूप भिन्नताओं से विशेषित होते है जबकि मात्रात्मक विशेषकें साधारणतया अविरत लक्षणप्ररूप भिन्नताएं उत्पन्न करते हैं।

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