निम्नलिखित में से कौन सा महात्मा गांधी के राजनीतिक दर्शन के सार को सर्वोत्तम रूप से प्रस्तुत करता है?
1
वास्तविक राजनीति और सत्ता की खोज: गांधी का दर्शन सत्ता की गतिशीलता के यथार्थवादी मूल्यांकन और राष्ट्रीय उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक किसी भी माध्यम से राजनीतिक सत्ता की व्यावहारिक खोज पर केंद्रित है।
2
मार्क्सवाद और वर्ग संघर्ष: उनका दर्शन मार्क्सवादी विचारधारा में गहराई से निहित था, जो सामाजिक परिवर्तन के लिए केंद्रीय तंत्र के रूप में वर्ग संघर्ष पर जोर देता था और सर्वहारा वर्ग द्वारा पूंजीपति वर्ग को उखाड़ फेंकने की वकालत करता था।
3
सत्याग्रह और अहिंसक प्रतिरोध: गांधी ने 'सत्याग्रह' या 'सत्य बल' के सिद्धांत की वकालत की, सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन के लिए एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में अहिंसक प्रतिरोध पर जोर दिया, जिसका लक्ष्य शांतिपूर्ण तरीकों से न्याय और धार्मिकता प्राप्त करना था।
4
पूंजीवादी लोकतंत्र: गांधी के राजनीतिक दर्शन ने लोकतांत्रिक शासन पर आधारित पूंजीवादी व्यवस्था का समर्थन किया, जो सामाजिक प्रगति के प्रमुख चालकों के रूप में आर्थिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत उद्यमिता को प्राथमिकता देती है।