नीचे दो कथन दिए गए हैं - एक को अभिकथन (A) के रूप में और दूसरे को कारण (R) के रूप में निरूपित किया गया है।
अभिकथन (A): प्राचीन भारतीय इतिहास-लेखन में हम कालानुक्रमिक बोध के तुलनीय अभाव को महसूस कर सकते हैं जिससे घटनाओं के लिए सटीक तिथियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
कारण (R): यह कालानुक्रमिक कठिनाई दो प्रकार की होती है- एक, घटनाओं की तिथियों का अभाव; और दूसरा, तिथि का संकेत होने पर भी सार्वभौमिक प्रयोज्यता की कमी।
उपरोक्त दो कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
1
(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R) (A) की सही व्याख्या है।
2
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R) (A) की सही व्याख्या नहीं है।
3
(A) सत्य है, लेकिन (R) असत्य है।
4
(A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।