तृतीय डिग्री मूल्य विभेदकारी एकाधिकार के लाभ अधिकतमकरण के लिए द्वितीय क्रम की शर्त है
1
MR1 = MR2 = MC
2
MR1 की ढलान < MC की ढलान MR2 की ढलान < MC की ढलान
3
MR1 की ढलान = MR2 की ढलान = MC की ढलान
4
MR1 की ढलान > MC की ढलान
MR2 की ढलान > MC की ढलान
MR1 की ढलान > MC की ढलान
MR2 की ढलान > MC की ढलान