अभिकथन (A): प्रतिजैविकों के लगातार उपयोग से जीवाणु के बहु-औषधि रोधी प्रभेदों का विकास हुआ है।
कारण (R): जीवाणु आनुवंशिक पदार्थ का आदान-प्रदान कर सकते हैं, जिसमें प्रतिरोधक जीन भी शामिल है, जो व्यक्ति और प्रजातियों में प्रतिरोध लक्षण फैलाता है।
1
A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A का सही स्पष्टीकरण है।
2
A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
3
A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
4
A असत्य है, लेकिन R सत्य है।