अभिकथन (A): लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चे शुरू में परिणामों के आधार पर कार्यों को सही या गलत के रूप में आंकते हैं, इससे पहले कि उन्हें यह एहसास हो कि मानदंड और नियम अनुकूलनीय हैं और संशोधन के अधीन हैं।
कारण (R): कोहलबर्ग का मानना है कि नैतिक तर्क का विकास अनुक्रमिक है, जो अलग-अलग चरणों से होकर आगे बढ़ता है।
सही विकल्प चुनिए।
1
(A) सत्य है लेकिन (R) गलत है।
2
(A) और (R) दोनों गलत हैं।
3
(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R) (A) का सही स्पष्टीकरण है।
4
(A) और (R) दोनों सत्य हैं लेकिन (R) (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।