Comprehension Passage
हाल के वर्षों में, पारंपरिक संज्ञानात्मक और व्यवहारिक चिकित्सीय ढाँचों के भीतर माइंडफुलनेस प्रथाओं के एकीकरण में रुचि बढ़ रही है। इन तौर-तरीकों के संश्लेषण ने माइंडफुलनेस-आधारित संज्ञानात्मक थेरेपी (MBCT) और स्वीकृति और प्रतिबद्धता थेरेपी (ACT) जैसी चिकित्सा पद्धतियों के विकास को जन्म दिया है। MBCT और ACT दोनों ही व्यक्तियों को वर्तमान क्षण में अपने विचारों और भावनाओं के बारे में अधिक जागरूक होने और बिना किसी निर्णय के इन अनुभवों को स्वीकार करने में मदद करने के लिए माइंडफुलनेस रणनीतियों का उपयोग करते हैं। माना जाता है कि यह गैर-प्रतिक्रियात्मक जागरूकता मनोवैज्ञानिक लचीलेपन और लचीलेपन की अधिक भावना को बढ़ावा देती है, जो विशेष रूप से क्रोनिक डिप्रेशन, चिंता विकारों और तनाव से संबंधित स्थितियों के उपचार में फायदेमंद हो सकती है। अनुभवजन्य अध्ययनों ने प्रदर्शित किया है कि जब माइंडफुलनेस तकनीकों को चिकित्सीय प्रक्रिया में शामिल किया जाता है, तो ग्राहक अक्सर भावनात्मक विनियमन, कम लक्षण विज्ञान और बेहतर समग्र स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार प्रदर्शित करते हैं।
दिए गए गद्यांश में उल्लिखित उपचारों, विशेष रूप से एमबीसीटी के विकास से जुड़ा प्रमुख व्यक्ति कौन है?
1
कार्ल रॉजर्स
2
अल्बर्ट एलिस
3
जॉन कबाट-ज़िन
4
मार्शा लाइनहन