हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 23A तलाक और अन्य कार्यवाही में प्रतिवादी को राहत प्रदान करती है। इस धारा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
1
प्रतिवादी केवल याचिकाकर्ता द्वारा मांगी गई राहत का विरोध कर सकता है, लेकिन प्रति-दावा नहीं कर सकता।
2
प्रतिवादी याचिकाकर्ता द्वारा मांगी गई राहत का विरोध कर सकता है और व्यभिचार, क्रूरता या परित्याग के आधार पर अधिनियम के तहत किसी भी राहत के लिए प्रति-दावा भी कर सकता है।
3
प्रतिवादी अधिनियम के तहत राहत के लिए प्रति-दावा तभी कर सकता है जब याचिकाकर्ता सहमत हो।
4
यदि याचिकाकर्ता व्यभिचार, क्रूरता या परित्याग साबित कर देता है तो प्रतिवादी याचिकाकर्ता द्वारा मांगी गई राहत का विरोध नहीं कर सकता।