मेनका गांधी बनाम भारत संघ मामले और भारतीय संविधान के कानूनों पर इसके निहितार्थ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
A. मेनका गांधी मामला इस अवधारणा को स्थापित करने के लिए प्रसिद्ध है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने के अधिकार में केवल भौतिक अस्तित्व ही नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा के साथ जीवन भी शामिल है।
B. इस मामले ने एक मिसाल कायम की कि कोई भी कानून जो किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित करने के लिए प्रक्रिया निर्धारित करता है, वह निष्पक्ष, न्यायसंगत और उचित होना चाहिए, न कि कानून द्वारा स्थापित कोई भी प्रक्रिया।
C. मेनका गांधी मामले में निर्णय में कहा गया कि अनुच्छेद 19 और अनुच्छेद 21 परस्पर अनन्य हैं, तथा अनुच्छेद 19 के तहत अधिकारों को छीनने या कम करने वाले कानून का परीक्षण अनुच्छेद 21 के तहत निर्धारित मानदंडों के आधार पर नहीं किया जाएगा।
D. मेनका गांधी के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि सरकार बिना कोई कारण बताए पासपोर्ट जब्त कर सकती है।
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