Comprehension Passage
18वीं शताब्दी के अंत में रेवरेंड थॉमस रॉबर्ट माल्थस द्वारा प्रस्तावित माल्थसियन जनसंख्या सिद्धांत का मानना है कि जनसंख्या वृद्धि संसाधनों की वृद्धि से अधिक हो जाती है, जिससे जनसंख्या स्तर पर अपरिहार्य रोक (नियंत्रण) होती है। माल्थस ने तर्क दिया कि जहां जनसंख्या घातकीय दर से बढ़ती है, वहीं संसाधनों, विशेषकर भोजन की उपलब्धता अंकगणितीय दर से बढ़ती है। जनसंख्या और संसाधनों के बीच यह अंतर्निहित असंतुलन एक ऐसा परिदृश्य बनाता है जहां जनसंख्या अंततः इसे बनाए रखने के लिए पर्यावरण की क्षमता को पार कर जाएगी। माल्थस के अनुसार, दो प्रकार के नियंत्रणें हैं जो जनसंख्या वृद्धि को सीमित करने का कार्य करती हैं: निवारक रोक और सकारात्मक रोक। निवारक रोक व्यक्तियों द्वारा अपने स्वयं के प्रजनन को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए उपाय हैं, जैसे कि विलंबित विवाह और संयम। माल्थस का मानना था कि जनसंख्या और संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए ये निवारक रोकें महत्वपूर्ण थीं। दूसरी ओर, सकारात्मक रोक प्राकृतिक परिघटनाएँ और घटनाएँ हैं जो जनसंख्या वृद्धि को सीमित करती हैं, जैसे अकाल, बीमारियाँ और युद्ध।
जनसंख्या के माल्थसियन सिद्धांत का प्राथमिक दावा (अभिकथन) क्या है?
1
संसाधन अंकगणितीय दर से बढ़ते हैं, जबकि जनसंख्या घातीय रूप से बढ़ती है।
2
संसाधन और जनसंख्या एक ही दर से बढ़ते हैं।
3
जनसंख्या वृद्धि तीव्र गति से होती है और संसाधन तीव्र गति से बढ़ते हैं।
4
जनसंख्या और संसाधन दोनों अप्रत्याशित दर से बढ़ते हैं।