Comprehension Passage
अशोक के शिलालेख, जो उसके साम्राज्य में चट्टानों और स्तंभों पर उत्कीर्ण किए गए थे, उनका उद्देश्य उसकी नीतियों और विश्वासों को संप्रेषित करना था। कलिंग युद्ध की तबाही को देखने के बाद, अशोक ने धम्म को अपनाया, जो अहिंसा, करुणा और सहिष्णुता पर जोर देने वाला एक नैतिक संहिता था। उनके शिलालेखों ने हिंसा को हतोत्साहित किया और नैतिक सिद्धांतों के तहत अपने विषयों को एकजुट करने का प्रयास किया। ये शिलालेख अशोक के परिवर्तनकारी नेतृत्व और नैतिक आदर्शों पर आधारित शासन के प्रति उनके समर्पण के लिए एक स्थायी वसीयतनामा हैं।
अशोक के धम्म प्रचार के निर्णय में किस कारक की भूमिका सबसे कम थी?
1
कलिंग में देखी गई तबाही
2
सांस्कृतिक समरूपीकरण की आवश्यकता
3
अहिंसक नैतिक शासन की इच्छा
4
पड़ोसी साम्राज्यों पर राजनीतिक प्रभाव