लोकतंत्र पर नागरिक समाज संगठनों के प्रभाव के संबंध में संस्थागत दृष्टिकोणों की किस जोड़ी में सबसे बड़ा सैद्धांतिक विचलन होगा?
A) समाजशास्त्रीय और तर्कसंगत विकल्प संस्थागतवाद
B) ऐतिहासिक और समाजशास्त्रीय संस्थागतवाद
C) तर्कसंगत विकल्प और ऐतिहासिक संस्थागतवाद
D) समाजशास्त्रीय और विचारशील संस्थागतवाद
और संक्षेप में बताएं कि वे अपने विश्लेषण में भिन्न क्यों होंगे:
1
समाजशास्त्र संगठनों को सांस्कृतिक रूप से अंतर्निहित के रूप में देखता है, जबकि तर्कसंगत विकल्प उन्हें रणनीतिक हित को अधिकतम करने वाले के रूप में देखता है।
2
ऐतिहासिक समय के साथ संगठनात्मक विकास का विश्लेषण करता है, जबकि समाजशास्त्रीय वर्तमान सांस्कृतिक मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करता है।
3
तर्कसंगत विकल्प संगठनों को आकार देने वाले औपचारिक नियमों पर जोर देता है, जबकि ऐतिहासिक विकल्प अधिनायकवाद की विरासत को देखता है।
4
समाजशास्त्रीय सांस्कृतिक विमर्श का परीक्षण करता है, जबकि विमर्शात्मक प्रतिस्पर्धी शक्ति गतिशीलता को देखता है।