Comprehension Passage

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और निम्नलिखित पाँच प्रश्नों का उत्तर दीजिए: 

19वीं शताब्दी में प्रमुख यूरोपीय राष्ट्रों की उष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों पर राजनीतिक नियंत्रण स्थापित करने की प्रल इच्छा लगभग विश्व व्यापक थी। इन साम्राज्यों का उदय भू-भागों के लिए लालच, सत्ता की लालसा, आकस्मिक स्थितियाँ अथवा आर्थिक मन्तव्य के कारण हुआ था।

जे.ए. हॉब्सन सुझाते हैं कि ये साम्राज्य विदेशों में यूरोपीय निवेशित पूँजी को उस समय बचाने के लिए उभरे जब पूँजी के निर्यात की माँग तीव्र थी क्योंकि घरेलू बाज़ार में पूँजी के प्रतिफल की दर गिर रही थी। हॉब्सन का विश्वास था कि उपनिवेशों के लिए स्पर्धा उन झगड़ों में निहित थी, जिन्होंने इन शक्तियों को एक दूसरे के विरुद्ध युद्ध में धकेल दिया था।

साम्राज्यवादियों को विश्वास था कि वे विस्तार कर रहे क्षेत्रों की कमजोर सीमाओं के कारण घरेलू निवेश की सुरक्षा कर रहे हैं। इस सिलसिले में और ज्यादा जिन साझे प्रयोजनों को उद्धृत किया गया, वे पूँजी के निर्यात के स्थान पर वस्तुओं के लिए बाज़ार और आप्रवास की संभावनाएँ थीं। इन निवेशों को ध्येय के रूप में नहीं, साधन के रूप में प्रयुक्त किया जा रहा था। औद्योगिक अधिकारी तन्त्र, बैंकरों और वित्तकारों ने भिन्न-भिन्न तत्त्वों पर बल दिया। परन्तु उन सबमें समान बिन्दु यह था कि लाभ उठाने की लालसा ने पूँजीवादियों को राजनीतिक नियन्त्रण के विस्तार के लिए उकसाया।

जे. गल्लघर और आर. रॉबिन्सन ने यह कहा है कि 19वीं शताब्दी के मध्य में ब्रिटेन ने व्यापारिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक सम्पर्कों द्वारा पहले से ही अनौपचारिक साम्राज्य कायम किया हुआ था। औपचारिक साम्राज्य आर्थिक हितों को अच्छी तरह देख सकते थे। अनौपचारिक से औपचारिक साम्राज्य में परिवर्तन किसी आर्थिक प्रयोजन से नहीं हुआ अपितु वैश्विक एवं स्थानीय राजनीतिक शत्रुता के कारण ऐसा हुआ था।

उन उपनिवेशों को हथियाने से भारी आर्थिक लाभ उठाये गए जिनसे आर्थिक प्रयोजन सुद्ढ़ हुए और यही साम्राज्यवाद के पीछे पूँजीवादियों का निहित हित था।

अनौपचारिक से औपचारिक साम्राज्यों में परिवर्तन किस विचार से प्रेरित था?

1
आर्थिक प्रयोजन
2
वैश्विक एवं राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता
3
कूटनीतिक सम्पर्क
4
सांस्कृतिक एवं धार्मिक सम्बन्ध

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation