पहचान की राजनीति के संदर्भ में "सांप्रदायिक ध्रुवीकरण" की अवधारणा का तात्पर्य है:
1
विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच बढ़ता सहयोग और एकता
2
धार्मिक समूहों के बीच बढ़ता विभाजन और विरोध
3
राजनीतिक पहचान को आकार देने में धर्म का घटता प्रभाव
4
राजनीतिक विमर्श में धर्मनिरपेक्ष विचारधाराओं का उदय