कथन 1: अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में उत्तर आधुनिकतावाद यथार्थवाद और उदारवाद जैसे मुख्यधारा के सिद्धांतों की भारी आलोचना करता है और सापेक्षवाद और राजनीतिक वास्तविकताओं के सामाजिक निर्माण पर जोर देता है।
कथन 2: उत्तर आधुनिकतावाद अंतर्राष्ट्रीय राजनीति की एक एकीकृत, सार्वभौमिक समझ की स्थापना की वकालत करता है जिसे सार्वभौमिक रूप से लागू किया जा सकता है।
निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
1
कथन 1 और कथन 2 दोनों सही हैं।
2
कथन 1 सही है, लेकिन कथन 2 गलत है।
3
कथन 1 गलत है, लेकिन कथन 2 सही है।
4
कथन 1 और कथन 2 दोनों गलत हैं।