निम्नलिखित को पढ़ें और नीचे दिए गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
एक संगठन में कार्य करने के साथ-साथ दूसरे संगठन में अतिरिक्त कार्य दायित्व और जॉब के कार्य व्यवहार की नैतिकता, वैधता और उपयुक्तता के संबंध में कक्षों और बोर्ड कक्षा में कई प्रकार की बातें होती रही हैं। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवा (ITeS) के क्षेत्र में एक विज्ञान के रूप में यह सामान्य बात हो गयी है। इसका स्वागत किया जाता है। यदि ये फर्मों मूल्य श्रृंखला की ओर बढ़ना चाहती हैं तो यह कर्मचारियों के प्रति अधिक लचीलापन को प्रोत्साहन की भावना पैदा करती है। अतः नियोक्ताओं को वास्तविकता स्वीकार करनी चाहिए और उनके लाभार्थ के लिए इसका प्रयोग किया जाना चाहिए।
परंतु इसके पक्ष में वाद-विवाद के वास्तविक चिंताओं को भी संबोधित करने की आवश्यकता है। वैश्विक महामारी के दौरान, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में घर से कार्य करने की प्रणाली को शीघ्रतापूर्वक अनुकूलित किया गया और पेशेवरों ने अपने कार्य व्यवहार को आगे बढ़ाया। अनेक कर्मचारियों ने घर से कार्य करने की कार्य प्रणाली को जारी रखा परंतु इससे अनेक नियोक्ताओं को यह संदेह पैदा हुआ कि अनेक कर्मचारी अधिक आय अर्जन के लिए दूसरे जॉब (कार्य) करते हैं। इस दौरान, नए कौशल दक्षता वाले कर्मचारियों की मांग में तेजी आई और उनकी कमी के कारण मांग-आपूर्ति के बीच का अंतराल चोड़ा हुआ प्रारंभिक या मध्यम स्तरों पर जो नहीं उपयोगी रहे उन्हें निकाल दिया गया। परंतु संभावनापूर्ण (गिग) अर्थव्यवस्था नियोक्ता और कर्मचारी, दोनों को विकल्पचयन और संबंद्धित प्रतिस्पर्धा का अवसर प्रदान करती है। इसमें विश्वास एक मूलभूत मुद्दा है। हितों के बीच टकराव बौद्धिक संपदा अधिकार का उल्लंघन अपरक्राम्य है। इसके अन्य दुसरे पहलू हैं- उत्पादकता पर धातक प्रभाव, दो जॉबों में अल्पकालिक संलग्नता बनाम दीर्घकालिक संलग्नता, कौशल प्रप्ति, निर्धारित निर्गत से अधिक की अदायगी की मॉनिटरिंग (निगरानी), प्रदत्त प्रतिपूर्ति के वस्तुनिष्ठ निर्गत मापन की चुनौती, समकक्षीय दबाव, उद्योग जगत में संविदाधारित रोजगार के ये सभी मूनलाइटिंग (एक से अधिक फर्मों में एक साथ कार्य करना) के प्रति मनोवृत्ति पर प्रभाव डालते हैं।
परंतु सूचना प्रौद्योगिकी पेशेवरों के संग बंधुआ जैसा व्यवहार नहीं किया जा सकता है। उच्च कार्य निष्पाद और उत्पादकता हेतु कार्यपरिवेश जिसमें एक पारदर्शी तरीके से निष्पक्ष और कार्य निष्पादन तथा कौशलों को मान्यता तथा प्रोत्साहित करने की विश्वसनीय कार्य दशाओं के साथ उद्योग द्वारा एक सीमा रेखा निर्धारित की जानी चाहिए। रोजगार संविदा में मूनलाइटिंग की निष्पक्ष और व्यापक परिभाषा को निहित किया जाना चाहिए। प्रबंधन के नियमों से आबद्ध एक संवर्धित मानव संसाधन नीति यह सुनिश्चित करेगी की मूनलाइट पर वाद-विवाद न हो।