निम्न पैराग्राफ को पढ़ें एवं निम्न पांच प्रश्नों का उत्तर दें।
एबीसी ग्लोबल लिमिटेड एक बड़ी अनाज उत्पादक कंपनी है जो विश्व के विभिन्न देशों में सुबह के नाश्ते के अनाज उत्पादों का विपणन करती है। स्थानीय बाजारों की माँग पूरी करने के लिए, कंपनी अपने उत्पाद में छोटे-छोटे बदलाव जैसे मिठास और स्वाद में बदलाव करती है। मूल उत्पाद, ब्रांडिंग और पैकेजिंग सभी मानकीकृत है। विगत कुछ वर्षों में उत्पादों की बिक्री में भारत सहित विभिन्न एशियाई बाजारों में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है। इस बढ़ती हुई माँग के उत्तर में कंपनी ने विपणन की आक्रामक रणनीति अपनाई है और अपनी क्षमता दोगुनी करके अपने उत्पादों का उत्पादन कर रही है। पिछले वर्ष कंपनी को एक झटका लगा, जब उसकी बिक्रियों में तेजी से गिरावट आई। बाजार के सावधानीपूर्वक विश्लेषण से पता चला कि कंपनी के उत्पादों को अपनाने वाला बाजार का भाग उच्च-मध्यम वर्गीय लोग थे जिनमें ऐसे परिवार थे जहाँ दोनों पति-पत्नी नौकरी करते थे। आरंभ में एक वैकल्पिक नाश्ता विकल्प के रूप में अनाजों को अपनाना ग्लैमरस था। किंतु कुछ समय बाद, वे पुनः पारम्परिक भारतीय नाश्ते की ओर लौट गए। एक अत्यधिक परम्परागत बाजार के रूप में भारत में मानकीकृत वैश्विक उत्पादों के लिए कम गुंजाइश रहती है। एक अस्थिर बाजार संरचना में जहाँ भारी विपणन प्रयासों की आवश्यकता है, वहाँ उत्पादन क्षमता को आंतरिक रूप से दोगुना करने का परिणाम अत्यधिक वापस न आने वाला निवेश हो सकता है, इसलिए यह वैकल्पिक रणनीतियों की ओर संकेत करता है। कंपनी का CEO अब उत्पाद को बाजार में स्थापित करने की रणनीति पर जोर दे रहा है। किसी पूर्ण भोजन को एक गैर-भारतीय खाद्य पदार्थ से प्रतिस्थापित करने में सफलता की दर कम है जिसके लिए उपभोक्ता-अनुकूलन की आवश्यकता है। इस प्रकार ब्रांड इक्विटी संभवतः कार्य न कर पाए।