Comprehension Passage

निम्न पैराग्राफ को पढ़े एवं निम्न पांच प्रश्नों का उत्तर दें।

डिजिटल ट्रांसफार्मेशन केन्द्रीय बजट 2022 का मुख्य विषय रहा है जिसमें डाटा केन्द्रों को अवसंरचना के दर्जे से लेकर भारत नेट कार्यक्रम के अंतर्गत सभी पंचायतों तक फाइबर ले जाने तक की घोषणाएं की गई हैं। एक ब्लॉक चेन आधारित संप्रभु डिजिटल मुद्रा की शुरुआत और 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयों की स्थापना, एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कामिक्स (AVGC) के लिए कार्यबल का गठन, डिजिटल विश्वविद्यालय की शुरुआत, स्कूल शिक्षा मंचों को डिजिटल बनाने और बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आई टी हार्डवेयर के लिए उत्पादन संबंधित प्रोत्साहन (PLI) स्कीम के लिए सहायता समग्र फोकस का हिस्सा हैं।

शासन, अर्थव्यवस्था और समाज में डिजिटल चालित ट्रांसफार्मेशन लाने के लक्ष्य के साथ 2015 में घोषित होने के बाद, इसने पहले ही नई स्कीमों की शुरुआत की है और अन्य यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI), डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम (PMGDISHA), ई-हॉस्पिटल, डिजिलाकर, कॉमन सर्विस सेंटर (CSCs) का विस्तार किया है और इंटरनेट प्रयोक्ताओं की संख्या भी बढ़कर 83 करोड़ से अधिक हो गई है। भारत को डाटा सेंटर और क्लाउड का एक वैश्विक केन्द्र बनाने के लिए इसमें हाई-स्पीड ब्राड-बैंड कनेक्टिविटी और 5-जी नेटवर्क, हाइपर स्केल डाटा केन्द्रों सहित विश्वस्तनीय डिजिटल अवसंरचना सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। निजता और सुरक्षा पर बढ़ते हुए ध्यान और देश के भीतर डाटा स्टोर करने की जरूरत को देखते हुए, डाटा सेंटर में निवेश को आकर्षक बनाने के लिए मजबूत बाजार मांग की मौजूदगी आवश्यक है।

प्रमुखः क्षेत्रों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और संभार तंत्र में संपूर्ण सरकारी नीति और नये सार्वजनिक डिजिटल मंचों के सृजन में आमूल-चूल बदलाव लाने की जरूरत है। मानकों, अंतर-प्रचालकता और कॉमन प्रौद्योगिकी मंचों जैसे आधार, UPI, सिंगल साइन-ऑन के प्रयोग पर अधिक ध्यान केन्द्रित करने की भी आवश्यकता है ताकि नये एप्लीकेशनों के विकास को सरलतम और तीव्रतम बनाया जा सके। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन अधिगम, इंटरनेट ऑफ थिंग्स में एक सुदृढ़ स्टार्ट-अप अनुकूल प्रणाली का सृजन ट्रिलियन डालर डिजिटल अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी है।

इसके अलावा, डिजिटल अर्थव्यवस्था की वृद्धि को समर्थित करने और ऑनलाइन मंचों की जवाबदेही संबंधी चिंताओं का निवारण करने और साइबर सुरक्षा बढ़ाने के लिए भारत में डिजिटल कानूनों को आधुनिक बनाने की भी इतनी ही अधिक आवश्यकता है ताकि ऑनलाइन विश्व में प्रयोक्ताओं के बीच भरोसा और आत्मविश्वास सृजित किया जा सके जो डिजिटल समावेशन और शेष जनसंख्या को डिजिटल विश्व में लाने के लिए अति महत्वपूर्ण है। डाटा शासन संबंधी एक राष्ट्रीय नीति समय की जरूरत है ताकि भारत को विश्व के कौशल और प्रतिभा का केन्द्र बनाने के लिए उद्योग और शिक्षा जगत की भागीदारी से सभी स्तरों पर डिजिटल प्रौद्योगिकी में कौशल और क्षमता निर्माण संबंधी प्रबल प्रयास के अलावा अनुसंधान के लिए डाटा तक पहुँच को और अधिक सरल बनाया जा सके।

निम्नलिखित में से कौन-सी पहलों ने शासन, अर्थव्यवस्था और समाज में पहले ही इंडिया डिजिटल ट्रांसफार्मेशन प्रक्रिया शुरु कर दी है?

1
आधार, UPI और कॉमन सर्विस सेंटर (CSCs)
2
उत्पादन संबंधित प्रोत्साहन योजना
3
प्रधानमंत्री गतिशक्ति पहल
4
डिजिटल प्रौद्योगिकियों के लिए उद्योग-शिक्षाजगत की भागीदारी

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