नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़िए व प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
वैज्ञानिक प्रबंधन वह प्रबंधन सिद्धांत है जो कार्य प्रवाह का विश्लेषण तथा संश्लेषण करता है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक सामर्थ्य, विशेषकर श्रम उत्पादकता में सुधार लाना है। यह प्रबंधन की प्रक्रिया के निर्माण में विज्ञान के अनुप्रयोग करने के प्राचीनतम प्रयासों में से एक है। वैज्ञानिक प्रबंधन को इसके प्रवर्तक फ्रेडरिक विंस्लो टेलर के नाम से टेलरवाद (टेलरिज़्म) भी कहा जाता है।
टेलर ने 1880 तथा 1890 के दशकों में अमेरिका में विशेषकर इस्पात में विनिर्माण उद्योगों में अपने सिद्धांत के विकास की शुरुआत की। इसके प्रभाव की पराकाष्ठा वर्ष 1910 के दशकों में देखने को मिली। यद्यपि टेलर का निधन वर्ष 1915 में हो गया, तथापि वर्ष 1920 के दशक तक वैज्ञानिक प्रबंधन का प्रभाव बना रहा, परन्तु इसे विरोधी अथवा समकालीन विचारों के समन्वयवाद से मुकाबला करना पड़ा।
मिडवेल स्टील कंपनी अमेरिका की एक महान आयुध पट्ट निर्माता संयंत्र वैज्ञानिक प्रबंधन का जन्मस्थान था। फ्रेडरिक डब्ल्यू टेलर ने वर्ष 1877 में मिडवेल में एक क्लर्क के रूपमें अपने कैरिअर की शुरुआत की, परंतु 1880 में वह फोरमैन बन गये। टेलर पर इस बात का लगातार प्रभाव पड़ा की उनके अनुसार उनके दल के सदस्यों द्वारा एक दिन में जितना यथेष्ट काम किया जा सकता था, वे उसका लगभग एक-तिहाई भाग भी नहीं कर पाते थे। टेलर ने यह पता लगाने का निश्चय किया कि लोगों को सौपे गए प्रत्येक काम को करने में वैज्ञानिक पद्धति द्वारा करने में कितना समय लगना चाहिए, और वर्ष 1882 के अंत में उन्होंने वैज्ञानिक प्रबंधन की पहली विशेषता को लागू करना शुरू किया। यद्यपि वर्ष 1930 के दशक में एक विशिष्ट सिद्धांत या विचारधारा के रूप में वैज्ञानिक प्रबंधन अप्रचलित हो गया, इसके अधिकांश विषय आज भी औद्योगिक अभियांत्रिकी तथा प्रबंधन के महत्वपूर्ण भाग हैं।