निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
एक एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ई.आर.पी) किसी संस्थान के केन्द्र में होती है। लेखांकन, बिक्री और आदेश प्रबंधन, उपभोक्ता संबंध प्रबंधन और एस सी एम जैसे क्षेत्रों में प्रकार्यता को समेकित करने की सुनिश्चित आवश्यकता के बावजूद, कंपनियों द्वारा किए गए निवेश पर्याप्त नहीं हैं। उद्यमों की तेजी से बदलती हुई उपभोक्ता की मांगों को पूरा करने और कड़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धी में अपना अस्तित्त्व बचाये रखने के लिए व्यवसाय प्रक्रियाओं को बदलने की आवश्यकता होती है।
उद्यम, वैश्विक रूप से, एक अत्यधिक मानकीकृत रूप में संचार को स्वचालित बनाने और आँकड़े एकत्र करके सूचना को समेकित करने की क्षमता के साथ सूचना प्रणालियों की मांग करते रहे हैं। ईआरपी पॅकेज चयन एक कठिन कार्य है जिसके लिए अनेक संरचनात्मक और प्रबंधकीय विचार अपेक्षित हैं। लोचशीलता और लागत के साथ - साथ वर्तमान और भावी दोनों व्यवसाय परिदृश्यों पर विचार किए जाने की आवश्यकता है। निर्णय - कर्त्ताओं के समक्ष एक धर्म संकट गैर स्वाम्य प्रौद्योगिकी मानकों के हस्तक्षेप का है। ईआरपी कार्यान्वयन के पूर्व और पश्चात् के परिदृश्य का विस्तृत विश्लेषण और लोगों, विशेष रूप से प्रथमदृष्टया प्रयोक्ताओं का व्यापक प्रशिक्षण अपेक्षित है। यद्यपि कुछ प्रबंधकों को डिजाइन और कार्यान्वयन प्रक्रिया में शामिल किया जाना आवश्यक है, तथापि अन्य को प्रकार्यात्मक को सीखना होगा। समेकन की प्रक्रिया अलग - अलग विभागों और व्यापार प्रक्रियाओं में भिन्नता के लिए लेखांकन के कठोर चरणों से होकर गुजरती है, तथापि इनका एकीकृत प्रबंधकीय आशय होता है । व्यवसाय प्रक्रिया के अपेक्षित समेकन के आद्यरूप (प्रोटोटाइप) के विभिन्न स्तरों पर लोगों के साथ चर्चा करने के बाद तैयार करना चाहिए । ईआरपी की गुणवत्ता संगठन की प्रक्रियाओं पर दीर्घावधिक प्रभाव डालती है और निवेश के सहवर्ती पैमाने और जटिलताओं के साथ किसी अन्य उत्पाद में परिवर्तन करना सरल नहीं होता है। मौलिक रूप से, संगठन में प्रत्येक व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि "कैसा है" और "कैसा होना चाहिए" के बीच के अंतर को पाटने में ईआरपी का कैसे प्रयोग होगा।