Comprehension Passage
भारत द्वारा ग्रुप ट्वेन्टी (जी-20) की अध्यक्षता ग्रहण करना सभी भारतीयों के लिए गर्व की बात है। जी-20 एक अंतर सरकारी मंच है जिसमें 19 देश जैसे कि अर्जेंटीना ओस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली जापान, कोरिया गणराज्य, मेक्सीको, रुस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट्स तथा यूरोपीय संघ शामिल हैं। एशियाई वित्तीय संकट के बाद, जी-20 की स्थापना एक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के मंच के रुप में 1999 में हुई थी। जी-20 का आकार विश्व अर्थव्यवस्थआ में इसकी प्रासंगिकता के दर्शाता है। जी-20 के सदस्य 85% विश्वका जीडीपी 75% से अधिक विश्विक व्यापार और विश्व की 67% जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते है। जी-20 शिखद सम्मेलन चक्रानुक्रम आधार पर बने अध्यक्ष के नेतृत्व में वार्षिक रुप से आयोजित होता है। भारत ने 1 दिसम्बर, 2022 के इंडोनेशिया से जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण की है और वह 2023 में देश में पहली बार जी-20 के नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा। भारत की जी-20 की अध्यक्षता का मूल विषय है- “वसुधैव कुटुम्बकम्” अर्थात् “एक धरती, एक परिवार और एक भविष्य” जिसका लाइफ (Life) (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) से निकट संबंध है। जी-20 की अध्यक्षता एक वर्ष के लिए जी-20 का एजेंडा निर्धारित करती है और शिखर सम्मेलन की मेजबानी करती है। जी-20 में दो समानांतर मार्ग शामील हैं जो वित्त मार्ग और शेरपा मार्ग हैं। वित्त मंत्री और केन्द्रीय बैंक के गवर्नर वित्त मार्ग का नेतृत्व करते हैं जबकि शेरपा मार्ग का नेतृत्व शेरपा करते हैं। भारत की जी-20 प्राथमिकताएं हैं - ग्रीन विकास, जलवायु वित्त और जीवन; त्वरित समावेशी और प्रत्यासी विकास; सतत विकास सदस्यों (एसडीजी) पर प्रगति में तीजी लाना; प्रौद्योगिकीय परिवर्तन और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना; 21 वीं सदी के लिए बहुपक्षीय संस्थाएं, और महिलाओं के नेतृत्व में विकास। भारत ने अनेक पहलों और बैठकोंके साथ अपनी अध्यक्षता के कार्य काल के एजेंडा की शरुआत कर दी है। इस इजेंडा के एक भाग के रुप में, भारत सितम्बर 2023 में दिल्ली में जी-20 का वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित करने से पहले 32 विभिन्न कार्य शाखाओं के संबंध मे 50 से अधिक शहरों में 200 से अधिक बैंठकों की मेजबानी करेगा। इस शिखर सम्मेलन में जी-20 के अब तक के सर्वाधिक 43 शिष्ट मंडलों के प्रमुख भाग लेंगे। इस शिखर सम्मेलन को आयोजित करने से विश्व व्यवस्था में भारत का कद निश्चित रुप से बढ़ेगा औऱ यह विश्व के नेताओं के समक्ष भारत की सांस्कृतिक विरासत, संस्कृति और उपलब्धियों के प्रस्तुत करने तया वैश्विक सतत विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाने का एक बड़ा अवसर है।

विश्व की जनसंख्या वैश्विक जीडीपी और वैश्विक व्यापार की दृष्टि से जी-20 का आदार क्रमशः है 

1
85%, 75% और 85% 
2
67%, 75% और 85% 
3
85%, 67% और 73% 
4
67%, 85% और 75%

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