नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन I: हिन्दू दत्तक और भरण पोषण अधिनियम, 1956 के अंतर्गत एक निःसंतान सौतेली मां निर्वाह भत्ते का दावा करने की हकदार है।
कथन II: हिन्दू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के अंतर्गत यदि पुत्र को गोद लिया जाता है तो दत्तक पिता या माता का हिन्दू पुत्र, पुत्र का पुत्र, पुत्र के पुत्र का पुत्र (चाहे विधिमान्य रक्त संबंध या गोद लेने के द्वारा) गोद लेने के समय पर नहीं होना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
1
कथन I और II दोनों सही हैं।
2
कथन I और II दोनों गलत हैं।
3
कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
4
कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।