नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में है।
अभिकथन (A): अत्यधिक विकसित विधिक प्रणालियों में विधिक संकल्पनाओं, विधिक प्रविधियों और विधिक प्रतिमानों का एक स्वायत्त उपकरण सृजित करने का प्रयत्न किया जाता है।
कारण (R): विधि में तार्किक संगतता, पूर्वानुमान और स्थायित्व अन्तनिर्हित होने की आवश्यकता है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चयन कीजिए:
1
(A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
2
(A) और (R) दोनों सही है लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
3
(A) सही है लेकिन (R) सही नहीं है।
4
(A) गलत है, लेकिन (R) सही है।