नीचे दो कथन दिए गए है:
कथन I : जब निवेश का स्तर व्यवस्था के अंतर्गत ही स्वयं निर्धारित होता है, तो मौद्रिक नीति की प्रभावशीलता को लोचदार निवेश और गैर-लोचदार तरलता संबंधी तटीयता अनुसूची द्वारा बढ़ाया जाता है, जबकि इसकी विपरीत स्थिति मौद्रिक नीति की प्रभावशीलता के लिए उपयुक्त होती है।
कथन II : राजकोषीय नीति को ध्यान में रखकर बनाई गई मौद्रिक नीति 'ह्रासकारी' प्रभाव का पहले से ही निवारण कर देती है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
1
कथन I और II दोनों सत्य हैं
2
कथन I और II दोनों असत्य हैं
3
कथन I सत्य है, लेकिन कथन II असत्य हैं
4
कथन I असत्य है, लेकिन कथन II सत्य हैं