नीचे अभिकथन (A) और तर्क (R) के रूप में दो कथन दिए गए हैं-
अभिकथन (A) : प्रत्येक हिन्दू को अपनी धर्मज या अधर्मज अव्यस्क हिन्दु संतान का भरण-पोषण करना होगा।
तर्क (R) : हिन्दू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 20 (2) के अंतर्गत धर्मज या अधर्मज अव्यस्क हिन्दू संतान अपने पिता या माता से भरण-पोषण का दावा कर सकता है।
उपरोक्त दो कथनों के आलोक में सही विकल्प चुनिए :
1
(A) सही है, परन्तु (R) गलत है
2
(A) गलत है, परन्तु (R) सही है
3
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
4
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।