निम्नांकित में से कौन-से कथन सही है?
(A) एस.एस. लोटस प्रकरण में अन्तरराष्ट्रीय न्याय संबंधी स्थायी न्यायालय (PCIJ) ने अन्तरराष्ट्रीय विधि की परिभाषा देते हुए कहा कि अन्तरराष्ट्रीय विधि "वे सिद्धांत हैं, जो सभी स्वतंत्र राष्ट्रों के मध्य प्रवृत्त हैं।"
(B) प्रोफेसर डायस का मानना है कि अन्तरराष्ट्रीय विधि को कदापि विधि की संज्ञा नहीं दी जा सकती है।
(C) इंग्लैण्ड के प्रधानमंत्री के रूप में लॉर्ड हॅल्सबरी ने भी एक समय टिप्पणी की थी कि अन्तरराष्ट्रीय विधि को विधि की संज्ञा देना छद्म नामकरण है। इसे सदाचार की शाखा कहा जाना बेहतर होगा।
(D) रसेल ने अन्तरराष्ट्रीय विधि की व्याख्या ऐसे नियम संहति के रूप में की है जिसके संबंध में विभिन्न राष्ट्र एक दूसरे के प्रति आचरण में अंगीकार करने पर सहमत हैं।
(E) ऑस्टिन के अनुसार, अन्तरराष्ट्रीय विधि राजनीतिक संप्रभु प्राधिकारी द्वारा निर्धारित और प्रवृत्त होती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए: