Comprehension Passage
यदि संविधान की एक प्रति विधि के किसी विद्यार्थी के हाथों में रखी जाय तो वह दो प्रश्न अवश्य करेगा। पहला, संविधान के अंतर्गत किस प्रकार के शासन का स्वरूप सोचा गया है और दूसरा, संविधान का स्वरूप कैसा है? प्रस्तावित शासन का स्वरूप संसदीय है। इस संवैधानिक प्रारूप (दस्तावेज) में एक परिसंघीय संविधान परिकल्पित है, जैसा यह द्विस्तरीय शासन प्रणाली का सृजन करता है। इस प्रस्तावित संविधान में द्विस्तरीय शासन प्रणाली के अंतर्गत केन्द्र में संघ व उसकी परिधि में राज्यों को रखा गया है जिसमें से प्रत्येक अपने-अपने क्षेत्रों में संविधान द्वारा प्रदत्त संप्रभु शक्तियों का प्रयोग करेंगे। कुछ आलोचक संविधान के अनुच्छेद-1 में वर्णित 'भारत राज्यों का संघ होगा' के प्रति आपत्ति करते हैं। यह कहा गया है कि इसकी सही पदावली 'राज्यों का परिसंघ (फेडरेशन ओफ स्टेट्स) होनी चाहिए। यह सत्य है कि दक्षिण अफ्रीका, जो एकात्मक (यूनिटरी) राज्य है, उसे संघ (यूनियन) के रूप में वर्णित किया गया है। किन्तु कनाडा जो कि परिसंघ (फेडरेशन) है उसे संघ (यूनियन) कहा गया है। इसलिए भारत के संघ (यूनियन) के रूप में वर्णन, यद्यपि इसका संविधान परिसंघात्मक (फेडरेशन) है, से इस बात का उल्लंघन नहीं हो रहा है। लेकिन यहाँ जो बात अधिक महत्व रखती है वह यह है कि 'संघ' शब्द का प्रयोग सुविचारित है। जैसा कि डॉ. अम्बेडकर ने कहा है कि, "मुझे नहीं पता कि कनाडा के संविधान में 'संघ' शब्द का प्रयोग क्यों किया गया है? लेकिन मैं यह अवश्य बता सकता हूँ कि भारत के परिप्रेक्ष्य में प्रारूप समिति ने इसका प्रयोग क्यों किया है? प्रारूप समिति यह स्पष्ट कर देना चाहती थी कि यद्यपि भारत को एक परिसंघ बनना था, किन्तु यह परिसंघ राज्यों के मध्य हुए किसी समझौते का परिणाम नहीं था और यह परिसंघ किसी समझौते के अंतर्गत अस्तित्व में नहीं आया था, किसी भी राज्य को इससे पृथक होने का अधिकार नहीं है। यह परिसंघ एक संघ है क्योंकि यह अविनाशी है। यद्यपि देश और इसके लोगों को प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से विभिन्न राज्यों में विभाजित किया जा सकता है, परन्तु देश एक है, इसके लोग एक है जो एक ही शासन के अधीन रह रहे हैं और संविधान ही इस शासन का एक मात्र स्रोत है। अमेरिकियों को तो इसे स्थापित करने के लिए एक गृह युद्ध लड़ना पड़ा था जिससे यह तय हुआ कि राज्यों को पृथक होने का कोई अधिकार नहीं है और उनका परिसंघ अविनाशी है। प्रारूप समिति ने सोचा कि यह आरंभ में ही स्पष्ट कर देना उचित है बजाय इसके कि इसमें कोई अटकलबाजी या विवाद की गुंजाइश न रहे।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 1 'राज्यों का संघ' पदावली का प्रयोग करता है क्योंकि यह 'परिसंघ' है। सही पदावली 'राज्यों का परिसंघ जरूरी नहीं है क्योंकि-

1
'राज्यों का संघ' पद का आशय आवश्यक रूप से एकल राज्य नहीं है
2
एक परिसंघ को आवश्यक रूप से 'राज्यों का परिसंघ पद का प्रयोग करने की जरूरत नहीं है
3
कनाडा एक स्थापित महासंघ है लेकिन "संघ" शब्द का उपयोग करता है।
4
उपरोक्त सभी

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation