किसी निरपेक्ष अधिकार का उल्लंघन होने की दशा में विधि क्षति की निश्चायक उपधारणा करती है यद्यपि जिस व्यक्ति के प्रति दोषपूर्ण कृत्य किया गया है उसे कोई मौद्रिक (आर्थिक) हानि नहीं होती। यह विनिर्णय किस वाद (प्रकरण) में दिया गया था?
1
रोजर्स बनाम राजेंद्र दत्त
2
एशबी बनाम व्हाइट
3
विंसमोर बनाम ग्रीनबैंक
4
टोज़र बनाम चाइल्ड