गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और प्रश्न का उत्तर दें :
1992 में संयुक्त राष्ट्र के बाल अधिकार सम्बन्धी अभिसमय ( यू एन सी आर सी) के अनुसमर्थन के बाद भारत ने किशोर पर अपने कानून में बदलाव करते हुए यह सुनिश्चित किया कि 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक व्यक्ति, जिसे देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता है, राज्य से इसे प्राप्त करने का हकदार है बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 के तहत मार्च 2007 में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ( एन सी आर सी) की स्थापना की गई थी भारत का संविधान सभी बच्चों को कुछ अधिकारों की प्रत्याभूति देता है जिसमें सम्मिलित हैं- ( 1 ) 6-14 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा का अधिकार (ii) 14 वर्ष की आयु तक किसी भी खतरनाक रोजगार से सुरक्षित रहने का अधिकार (iii) उनकी आयु या शक्ति के लिए अनुपयुक्त व्यवसाय में प्रवेश करने की आर्थिक अनिवार्यताओं और यौन शोषण से संरक्षित होने का अधिकार (iv) स्वस्थ तरीके से विकसित करने के लिए समान अवसरों और सुविधाओं का अधिकार हालांकि, इतने सारे कानूनी प्रावधान होने के बावजूद भारत में बच्चे अभी भी सुरक्षित नहीं हैं कई संकेतक यह दर्शा रहे हैं कि हमारे देश के विभिन्न भागों में बाल अधिकारों का किस प्रकार उल्लंघन किया जा रहा है जिनके आपातसमीचिन सामाजिक और आर्थिक परिणाम अधिक खतरनाक होंगे बाल यौन शोषण क्षरण का एक और खतरनाक हिस्सा है जो चुपचाप कई बच्चों की क्षमता और उनके विकास की लहर को तेजी से समाप्त करता है हम आज भी अपने देश में एक वर्जित समाज में रहते हैं, जहां बच्चों को उचित यौन शिक्षा नहीं दी जाती हैं बच्चों के साथ छेड़खानी और यौन शोषण होता है लेकिन अज्ञानता के कारण वे विरोध करने में असफल रहते हैं और लंबे समय तक शोषण का शिकार बनते रहते हैं