निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और दिए गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए:
पढ़ने की संस्कृति एक परिवेश है जहाँ पढ़ने में महारथ हासिल की जाती है, पढ़ने को महत्व दिया जाता है, इसका सम्मान किया जाता है और इसे बढ़ावा दिया जाता है। पढ़ना पाठ्यचर्या का केन्द्र है और यह बालकों की व्यक्तिगत, सामाजिक और शैक्षिक सफलता और उनके सामान्य कल्याण के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। पढ़ने की संस्कृति का सृजन करना किसी व्यक्ति का दायित्व नहीं होना चाहिए। इसके लिए समर्पण, अध्यवसाय और प्रयास की आवश्यकता होती है। इसकी अगुवाई उत्साही और समर्पित वरिष्ठ नेतृत्व दल द्वारा की जाती है और विद्यालय समुदाय में प्रत्येक छात्र-छात्रा, माता-पिता, जीवन वृत्त और कर्मचारी सदस्य द्वारा इसकी वकालत की जाती है। यदि पढ़ना जीवन पर्यन्त आदत में शुमार हो जाए, तो लोगों को अपने आपको ऐसे समुदाय का सहमार्ग समझना चाहिए जो पढ़ने को महत्त्वपूर्ण और आनन्ददायक कार्य मानते हैं। पढ़ने के प्रति प्रेम को बढ़ावा देने में माता-पिता और घर का परिवेश अनिवार्य है। वे इच्छुक और सक्रिय सहभागी हैं जो किसी पुस्तक को पढ़ने से प्राप्त होने वाली संदृष्टि का पूर्वानुमान करते हैं।
ऐसा सुनिश्चित करने के लिए कि बच्चों को पढ़ने में कठिनाई नहीं हो और उनमें अभिप्रेरण की कमी का अनुभव न हो, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विद्यार्थी बचपन से ही प्रवाहपूर्ण तरीके से पढ़ सकें और तत्पर पाठक बन सकें। जहाँ विद्यार्थी पढ़ने के प्रति उदासीन हों, नकारात्मक दृष्टिकोण रखते हों और जिनके पढ़ने की उम्र सामान्य से कम हो, वहाँ पढ़ने की संस्कृति पैदा करना मुश्किल हो सकता है, पर असंभव नहीं। पढ़ने की सुदृढ़ संस्कृति के निर्माण से पढ़ना विद्यालय की बेहतरी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हो जाता है। पढ़ने की सृजनात्मक और रोचक संस्कृति से न केवल सक्षम और समर्पित पाठक पैदा होते हैं, बल्कि इससे विद्यार्थियों का भला होता है, वे समुदाय से जुड़ पाते हैं और उनके लाभ में वृद्धि हो जाती है। बच्चों को उनके जीवन के अनेक पहलुओं में साक्षरता के उच्च स्तर की आवश्यकता होती है। न केवल भविष्य के रोजगार में सफलता के लिए पढ़ने की आवश्यकता है, बल्कि पढ़ने की योग्यता से बच्चों को घर चलाने में, अपने वैयक्तिक जीवन के सभी पहलुओं में आगे बढ़ते हुए भावी संबंधों में सी सहायता मिलेगी। योग्य पाढ़क ही पाठ्यचर्या के आश्चर्यों तक पहुँच पाएंगे और इस प्रकार उनके जीवन के अवसरों में बेहतरी होगी।