निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़ें और संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
व्हाट्स एप संचार का आरम्भ 2016 से हुआ, इसके एप को सुरक्षा और विश्वास हासिल हुआ, और यह प्रचलित अन्य प्लेटफार्म से इसलिए भी अलग था कि इसमें प्रयोक्ता की निजता से समझौता नहीं होता है (जेनन) 2018 . तथापि इन दावों को इसके विरोध में दिए गए तर्कों की दृष्टी से मापा जाना आवश्यक है। शोधकर्ताओं की दलील है कि व्हाट्स एप का 'एन्ड - टू - एन्ड एन्क्रिप्शन कंपनी की 'कोर वैल्यू' होने की बजाय कार्यनिष्पादनकारी है। (सेन्टोस और फाउरे, 2018 ) - इसके साथ ही 'एन्क्रिप्शन' का अर्थ अनिवार्यतः यह नहीं है कि फेसबुक 'व्हाट्स एप' डाटा संग्रह करने की स्थिति में नहीं है (देखिए जेनन, 2018)। यद्यपि अन्य विद्वानों ने सूचनाओं को साझा करने और नागरिक तथा राजनीतिक नेटवर्किंग और कार्य के लिए कार्यकर्ताओं और सामान्य नागरिकों के लिए 'एन्क्रिप्टेड चैट एप' को सुरक्षित 'स्थान' के रूप में माना है, विशेषकर उस संदर्भ में जहां प्रमुख मीडिया और अन्य 'सोशल मीडिया' पर सरकार की कड़ी निगरानी और प्रतिबन्ध है (खजरेई और लॉसे, 2016, डेनिक एट एल, 2016, हिंटज, एट, एल, 2019 )।
यह समझते हुए भी कि 'एन्ड टू एन्ड एन्क्रिप्शन" "का अर्थ है व्हाट्स एप पर निगरानी सीमित है, इसका अर्थ यह भी है कि यह प्लेटफार्म अंतर्वस्तु का परिचालन मोठे तौर पर अविनियमित रूप से और बिना किसी छंटाई के करता है। यह समस्या पैदा कर सकता है, क्योंकि जैसे जैसे 'व्हाट्स एप' समाचार - ( यूमेन एट, एल, 2018 ) और "मेमेकल्चर" (बेलेट्रास डानसेल, 2016 ; एन क्यूब, 2016, अल जेडजेली, 2017) को प्रसारित करने का महत्त्वपूर्ण चैनल बनता जाएगा और उसके साथ ही यह 'सूचना विकृति उत्पन्न करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा अर्थात प्लेटफार्म द्वारा किसी प्रकार का आशोधन किए बिना निकट समूह में गलत सूचना, विकृत सूचना, द्वेषपूर्ण सूचना भेजना (वार्डले और डेरेकशन, 2017)।