निम्न गद्यांश को पढ़िए व उसके बाद पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
भूमिका संरचनाओं के आधुनिकरण में न केवल मानकों व व्यवहार में परिवर्तन सम्मिलित है, अपितु मनो- गतिकी गुणों में भी जिससे व्यक्तियों के प्रेरणामूलक और मूल्य उन्मुखी प्रतिमानों में प्रमुख परिवर्तन हों। प्रेरणा की दृष्टि से, आधुनिकीकृत भूमिका संरचनाएं मनो-गतिशीलता और उपलब्धि अभिमुखन के उच्चतर स्तर को दर्शाती हैं; उपलब्धि अभिमुखन, आधुनिक समाज में सामान्यतया आकांक्षा स्तरों को उद्दीप्त करता है, इस प्रकार, आधुनिकीकरण का अर्थ आकांक्षा स्तरों में क्रांति भी है। आकांक्षा को स्थूल रूप में किसी व्यक्ति के अपने और अपने संदर्भीय मॉडलों की सफलताओं और विफलताओं के अनुभवों पर आधारित, प्रगामी रूप से उच्चतर (अथवा इसके विपरीत, निम्नतर) लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु उसकी प्रेरणा की शक्ति के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। आकांक्षा स्तर एक ही व्यक्ति के लिए कालिक अर्थ में (समय के दो बिंदुओं के बीच) " उच्चतर " अथवा "निम्नतर" हो सकता है, अथवा किसी अन्य व्यक्ति की तुलना में "उच्चतर " अथवा "निम्नतर" हो सकता है। पहले मामले में आकांक्षाएं एक मनोवैज्ञानिक श्रेणी के रूप में कार्य करती हैं परन्तु बाद वाली स्थिति में इसके मनोवैज्ञानिक व सामाजिक- सांस्कृतिक मूलाधार दोनों हो सकते हैं।