अजरख मुद्रण की निम्नलिखित अवस्थाओं को सही अनुक्रम में व्यवस्थित कीजिए।
A. लौह चूर्ण, गुड़ और चने के आटे का लेप किण्वन हेतु खुले में छोड़ दिया जाता है। इमली के बीज का चूर्ण मिश्रित करने तथा उबालने के पश्चात, कृष्ण (काला) वर्ण प्राप्त करने हेतु लेप की छपाई की जाती है।
B. फिटकरी, इमली के बीज का पाउडर को मिलाया जाता है तथा डिजाइन के लाल क्षेत्रों के लिए गाढ़ा रंगबंधक प्रिंटिंग लेप तैयार करने हेतु इसे उबाला जाता है।
C. खेत किनारी के मुद्रण के लिए 'खरियाना' तैयार करने हेतु बबूल के गोंद और चूने को मिलाया जाता है।
D. अभिमार्जन और विरंजन के पश्चात कपड़े को हरड़ के घोल (मायरोबालन) में डुबोया जाता है।
E. चूने श्री अन्न एवं बबूल के गोंद से बने प्रतिरोधी लेप की सभी सफेद, काले एवं लाल मुद्रित क्षेत्रों पर मुद्रांकित किया जाता है। कपड़े को नील में विरंजित करने से नीला रंग प्राप्त किया जाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए: