निम्नलिखित उद्धरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए:
भारत के सभी क्षेत्रों के गाँवों में आर्थिक संस्थाओं, सत्ता संरचना एवं अन्तर जातीय संबंधों के परिप्रेक्ष्य में काफी बदलाव हो रहे हैं। आर्थिक परिवर्तन का एक प्रमुख घटक भूमि सुधार है, जिसने गाँवों की सामाजिक संरचना पर बड़ा सामाजिक प्रभाव डाला है, यद्यपि, इसके आर्थिक प्रभावों पर काफी विवाद हैं। गाँवों में भूमि सुधार निम्नलिखित के माध्यम से किए गए हैं - (i) मध्यस्क्षों का उत्सादन; (ii) बटाईदारी प्रथा में सुधार; (iii) जमीन के स्वामित्व सीमांकन तथा भूमि का पुनर्वितरण; (iv) जमीन की चकबन्दी तथा भूमि को गैर-आर्थिक आकार (अनुपयोगी स्तर) तक कम होने से रोकना; (v) सहकारी खेती पर बल देना और विकास करना; और (vi) भूदान के रूप मेम अमीरों द्वारा गरीबों को अधिशेप भूमि उपहार में देने के लिए धार्मिक आर्थिक आंदोलन चलाना। इन उपायों को विभिन्न राज्यों में अलग-अलग तरीकों से क्रियान्वित किया गया है, परन्तु इनके कुछ एक समान समाजशास्त्रीय परिणाम देखने को मिले हैं।
उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें।