नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन (A) के रूप में लिखित है, तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में है,
अभिकथन A: द्वन्दात्मक और प्रकार्यवाद सैद्धंतिक संश्लेषण में इस तथ्य को रेखांकित किया गया है कि 'समाज' साम्यता की प्रणाली नहीं है बल्कि यह अपूर्णरूप से समान्वित तत्वों की अस्पष्ट (धुंधली) संरचना है, जिन्हें अन्य तत्त्वों को अधीन रखकर कुछ तत्वों के प्रपीड़न द्वारा एकसाथ रखा जाता है।
कारण R: सामाजिक संरचना में अन्तर विरोध (अंतर द्वन्द्व) और अन्यांतरिक अंतर्विरोधों के माध्यम से स्वयं ही परिवर्तन उत्पन्न होता है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।
1
A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
2
A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
3
A सही है लेकिन R सही नहीं हैं।
4
A सही नहीं है लेकिन R सही हैं।