निम्नलिखित गद्यांश को सावधानीपूर्वक पढिए:
यद्यपि भारत विश्व में दूसरी सबसे बड़ी शहरी आबादी वाला देश है तथा यहाँ झुग्गी-झोपड़ियों की आबादी भी बड़ी संख्या में है, फिर भी 2001 की जनगणना तक झुग्गियों के आंकड़े उपलब्ध नहीं थे। भारत के महापंजीयक ने देश में पहली बार 2001 में झुग्गी-झोपड़ियों की आबादी की गणना की थी और वह भी केवल 743 कस्बों और शहरों की। 2001 में भारत के कुल 5161 कस्बों में से केवल 640 कस्बों और शहरों में ही झुग्गी-झोपड़ियाँ थीं। 2011 की जनगणना में 4041 शहरों और कस्बों से मलिन बस्तियों के आंकड़े एकत्र किए गए थे और केवल 2542 में ही मलिन बस्तियां होने की बात कही गई थी और मलिन बस्तियों की आबादी केवल 68 मिलियन थी। योजना आयोग द्वारा 2010 में गठित प्रणब सेन समिति ने झुग्गी-झोपड़ियों की आबादी का अनुमान 93 मिलियन लगाया था। दूसरी ओर, यूएनहैबिटेट (2006) ने यह संख्या 170 मिलियन बताई थी।
उपर्युक्त गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।