निम्नलिखित गद्यांश को पढिए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।
व्यक्तिनिष्ठ पदमापन, योजनाबद्ध (क्रमादेशित) अनुदेश का एक मुख्य उद्देश्य है। यह विद्यार्थियों को उनके अपने निपुणता स्तर के अनुसार अनुदेशी- सामग्रिक का अनुसरण करने में सहायक होता है। क्रमादेशन अनुदेशों के संरचनात्मक और प्रकार्यात्मक साधन ( उपाय) होते हैं। पारंपरिक रूप से, आनुक्रमिक सन्निकटन संरचनात्मक उपायों (साधनों) के रूप में प्रयुक्त किए जाते हैं। आनुक्रमिक अभिकल्प सुनिश्चित करता है कि अनुदेश के प्रत्येक सन्निकटन के द्वारा अगली प्रस्तुति के पूर्व ही निपुणता प्राप्त कर ली गयी हो । प्रकार्यात्मक उपायों में विद्यार्थियों की अनुक्रियायों पर आपातिक (आकस्मिक) पुनर्बलन शामिल है। विद्यार्थियों को अनुक्रियाशील बनाने हेतु, अनुबोधन, प्राइमिंग (आगे बढ़ाना) इत्यादि की प्रविधियाँ पूर्ववर्ती क्रमादेश के रूप में प्रयुक्त की जाती है।