निम्न गद्यांश को पढ़िए व उसके अंत में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
एक बारह वर्षीय बालक जीवन को एक मनोवैज्ञानिक के पास ले जाया जाता है क्योंकि उसे विद्यालय से घृणा है। जब शिक्षक से संपर्क किया गया तो उसने सूचित किया कि कक्षा में जीवन के दिखावा करने के व्यवहार से, जिससे कक्षा में व्यवधान भी होता था, उसे पसंद नहीं किया जाता था। स्पष्टतः में घर पर उसके माता-पिता को उसका ऐसा व्यवहार मनोरंजक प्रतीत होता था, वे इस पर हंसते थे और आनंद लेते थे। मनोवैज्ञानिक ने जीवन के व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए एक कार्यक्रम बनाया। पहले उसने माता-पिता को यह समझने में सहायता की कि दिखावा क्या होता है और क्या नहीं। मनोवैज्ञानिक ने जीवन के माता- पिता को कहा कि वे उसके दिखावे के व्यवहार पर ध्यान न दें। शिक्षक से कहा गया जब भी कक्षा में कोई अपने सहपाठियों की किसी भी प्रकार से सहायता करे तो उसकी प्रशंसा की जाए। मनोवैज्ञानिक ने यह भी कहा कि हरबार जब भी जीवन दिखावे का व्यवहार करे तो शिक्षक द्वारा बोर वेल खुदाई की ध्वनि उत्पन्न की जाए। वास्तव में मनोवैज्ञानिक ने चिकित्सीय हस्तक्षेप का प्रयोग किया।