यह किसका कथन है कि किसी सिद्धान्त पर विचार “किसी ऐसे पूर्व-चिंतन दुर्बोध सिद्धान्त अथवा अवधारणा के आधार पर नहीं करना चाहिए जिसका वास्तविकता से कोई संबंध न हो। इसका उद्देश्य किसी सामूहिक दृश्य/घटना में व्यवस्था कायम करना तथा उसे अर्थ प्रदान करना है?"
1
ई.एच. कैर (कार)
2
हंस जे. मॉर्गेन्थाऊ
3
स्टीफेन क्रासनर
4
केनेथ वाल्ट्ज़