निम्न गद्यांश को पढ़िए एवं निम्न पांच प्रश्नों के उत्तर दिजिए।
एक मनौवैज्ञानिक HSSC विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी भाषा प्रयोग परीक्षण बनाना चाहता है। उसने भाषा प्रयोग में विभिन्न क्षेत्रों से सम्बन्धित 120 प्रश्न बनाऐ। प्रत्येक प्रश्न के पांच उत्तर विकल्प दिए जिनमें से एक सही था। परीक्षण के प्रारूप संस्करण को 200 विद्यार्थियों के एक प्रतिदर्श पर दिया गया। परीक्षण के मदों का दो प्रकार से विश्लेषण किया गया। एक मद-बाकी मद साहसम्बन्ध तथा दूसरा मद विभेदीकरण सूचकांक । मद-विभेदीकरण सूचकांक प्राप्त करने के लिए उसने P27 से नीचे वालों को निम्न अंकगणक तथा P73 से ऊपर वालों को उच्च अंकगणक विषयी (P27 तथा P73 के मूल्य पूरी संख्या में हो) । विभेदीकरण सूचकांक की सांख्यिकी सार्थकता का निर्धारण किया गया। अन्ततः मद विश्लेषण में 90 मद रखे गए। फिर इस नये संस्करण को नये 400 विषयियों के प्रतिदर्श पर प्रशासित किया गया। क्रोनबैक एल्फा का निर्धारण किया परन्तु उसने यह भी सोचा कि परीक्षण की K-R विश्वसनीयता की भी जांच की जाए क्योंकि क्रोनबैक एल्फा काफी उच्च .947 था तथा परीक्षण काफी लम्बा है तो उसने परीक्षण के दो समानान्तर प्रारूप तैयार करने का निर्णय लिया, जिसमें प्रत्येक में 45 मद होंगे। प्रारूप A और B में यादृछित रूप से 45-45 मद रखे। प्रत्येक प्रारूप के लिए उसने औसत अर्न्तमद सहसम्बन्ध, मध्यमान, मानक विचलन तथा क्रोनबेक एल्फा की गणना की गई। दोनों प्रारूपों ने समानान्तर प्रारूप के आधारभूत मानदण्ड प्राप्त किए।
नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है:
अभिकथन (A): उपरोक्त परीक्षण में K-R विश्वसनीयता का परिकलन सम्भव नहीं क्योंकि प्रत्येक मद के पाँच विकल्प हैं।
कारण (R): K‐R विश्वसनीयता केवल तब ही परिकल्पित की जा सकती है जब मदों का अंकन दो अंकों में किया जाता हो ।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।