Comprehension Passage
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न के उत्तर दीजिए :
आजादी के बाद भारत के पूर्व सात दशकों में लोकतांत्रिक राजनीति में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन आए हैं। पिछले दशकों में जहाँ चुनावी सहभागिता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, वहाँ जातीयता से जुड़ी आदिम अस्मिताओं ने 'जातियों के राजनीतिकरण' एवं 'राजनीति के जातीयकरण' को और अधिक सुदृढ़ किया है।
21वीं सदी के भारत में बाजार राज्य ने तृतीय लोकतांत्रिक अभ्युदय का मार्ग प्रशस्त किया है। किन्तु विकास प्राप्ति के अपने लक्ष्य में इन आदिम संरचनाओं को विखंडित करने की अपेक्षा, बाजार राज्य लोक लुभावनवाद तथा अभिशासन के मध्य झूल रहा है।
इनमें से कौन भारत की लोकतांत्रिक राजनीति में तीन लोकतांत्रिक अभ्युदय के प्रवर्तक हैं?
1
अतुल कोहली
2
लॉयड एवं सुजैन रुडोल्फस
3
पार्थ चटर्जी
4
उपरोक्त में से कोई नहीं