शोध का समालोचनात्मक (क्रिटिकल) परिप्रेक्ष्य इस विचार का अनुमोदन नहीं करता कि:
1
शोध को, मिथकों को ध्वस्त करना होता है और यह समाज को बदलने के लिए लोगों को सशक्त बनाता है।
2
यथार्थ स्थिर होता है और प्राकृतिक नियमों के अधीन होता है।
3
शोध को एक ऐसे सिद्धांत के द्वारा संसूचित किया जाना चाहिये जो भ्रम को अनावृत्त कर सके।
4
शोध को मिथ्या विश्वासों को उद्घाटित करना चाहिए जो शक्ति तथा निष्पक्ष स्थितियों को छिपाते हैं।