निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भीखू पारेख की मानव प्रकृति की अवधारणा को स्पष्ट करता है?
A. मानव स्वभाव के सभी संदर्भों की कड़ी जांच की जानी चाहिए तथा उन्हें सन्देह के साथ देखा जाना चाहिए।
B. मानव सांस्कृतिक रूप से अंतर्निहित हैं, इस अर्थ में कि वे अपने सांस्कृतिक समुदायों में पैदा हुए हैं, पले-बढ़े हैं और गहराई से उन्हें आकार दिया गया है।
C. अपने विभिन्न सांस्कृतिक संदर्भों के बावजूद, जब महत्वपूर्ण मामलों की बात आती है तो मनुष्य कमोबेश एक समान तरीके से व्यवहार करते हैं।
D. हालांकि त्वचा का रंग, लिंग, लंबाई और अन्य शारीरिक विशेषताएं सार्वभौमिक हैं, लकिन ये सभी अलग-अलग अवधारणाएं हैं जो विभिन्न समाजों में भिन्न-भिन्न अर्थ और महत्व रखते हैं।
E. त्वचा के रंग को एक गहरा आध्यात्मिक अर्थ दिया गया है और इसे सभी समाजों में शक्ति और स्थिति के विभेदक वितरण का आधार बनाया गया है।