Comprehension Passage
नीति का मूल्यांकन चुनौतीपूर्ण अनुभव है जिसमें जटिल (समिश्र) ज्ञान और सांख्यिकीय एवं आर्थिक तकनीकों का कुशाग्र अनुप्रयोग अपेक्षित होता है। नीतिगत परिवर्तन के बारे में चौकाने वाला तथ्य यह है कि यह न तो रातो-रात होता है न ही जहाँ पर्यावरणीय तत्व स्थैतिक रहते हैं। इसके परिणाम स्वरूप प्रेक्षित परिणाम में विशिष्ट परिवर्तन गंभीर पद्धति परक चुनौती बन जाते हैं। तथापि विशिष्ट नीतिगत विमर्श की प्रभाविता के मूल्यांकन के लिए अनेक मानक प्रविधियाँ उभरकर सामने आए हैं। इनमें से कुछ उपागमों के बारे में व्यापक विमर्श से नीति के मूल्यांकन के बारे में चिंतन के तर्क को समझने में सहायता मिलती है। प्रभाव मूल्यांकन में प्राय: 'स्वर्ण मानक' कहे जाने वाले नीति प्रभाव मापक के लिए सर्वाधिक सुविख्यात तकनीक यादृच्छिक नियंत्रण परीक्षण (RCT) है। औषधि और भेषज शोध RCT विधि का सर्वोत्तम उदाहरण है। मानक पद्धति उत्तरदाताओं के समूह का चयन करना है। जिन पर औषधि के कार्य करने की संभावना है। तत्पश्चात वह औषधि उस समूह से अकस्मात चयनित व्यक्ति को दी जाती है। यहाँ RCT उपागम पूर्णतः हस्तक्षेप के प्रभाव मूल्यांकन करने हेतु संभाव्य लाभार्थी समूह में प्राप्त करने वालों के अकस्मात चयनित समूह पर हस्तक्षेप प्रदान करता है। RCT प्रदानकर्ता नीति निर्माता को लाभार्थी एकक के संबंध में अपना विकल्प चुनने के लिए अनुनय कर सकता है। यह कार्य अन्य नियम से इसे अनुरेखित करने की बजाय अकस्मात किया जाता है।

नीचे दो कथन दिए गए हैं:

कथन-I: नीति परिवर्तन के बारे में भ्रमित करने वाली बात यह है कि न तो यह रातो-रात होता है न ही ऐसे व्यवस्थापन में होता है जहाँ पर्यावरणीय तत्व स्थिर रहते हैं।

कथन-II: प्रक्षेपित परिणामी परिवर्तन पर विशिष्ट परिवर्तन के प्रभाव का पता लगाने के फल स्वरूप पद्धति संबंधी गंभीर चुनौती उत्पन्न होती है।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए: 

1
कथन I और II दोनों सही हैं।          
2
कथन I और II दोनों गलत  हैं।
3
कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
4
कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation