निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
अन्य अनेक क्षेत्रों की तरह मार्क्स ने महिलाओं के विषय में भी हीगेल से प्रारंभ किया हीगेल महिलाओं को कमतर मानते थे उनका मानना था कि महिलाओं में अपेक्षाकृत कम तार्किक योग्यता होती है और पुरुष तथा महिला में प्राकृतिक अंतर अपरिवर्तनीय है। मार्क्स ने महिलाओं की भूमिका तथा स्थिति के बारे में अधिक नहीं कहा। उन्होंने यह स्पष्टतः मान लिया था कि समाजवाद नारी को मुक्ति प्रदान करेगा। उन्होंने अपनी रचना 'जर्मन आइडियॉलॉजी' तथा 'कैपिटल' में परिवार में श्रम के प्राकृतिक तथा स्वतः प्रवर्तित विभाजन की बात कही है। इन्हीं प्राकृतिक संबंधों के सामाजिक संबंध को प्रशस्त किया तथा प्रथम संपत्ति-संबंध तब बना जब पुरुष ने अपनी पत्नी तथा बच्चों को अपना दास माना। पुरुष का उनके ऊपर अधिकार होता था और वह जैसा चाहे उनसे काम करा सकता था, यद्यपि मार्क्स ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह सब कैसे हुआ मार्क्स ने महिलाओं की स्थिति तथा भूमिका पर ध्यान केंद्रित नहीं किया।
ऐंजल्स ने अपनी कृति 'ऑरिजिन्स' में 'पितृसत्तात्मकता' के उद्भव का भौतिकवादी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है तथा नारी की आश्रितता का संबंध निजी संपत्ति के उत्थान से जोड़ा है। अपनी रचना 'होली फैमिली' में मार्क्स तथा ऐंजल्स का अवलोकन था कि नारी मुक्ति की अवस्था का उपयोग ऐसे मानक के रूप में किया जा सकता हैं जिसके द्वारा कोई सामान्य मुक्ति को माप सकता है। मार्क्स के इस विचार का डॉ. एल. कुगेलमैन को लिखे एक पत्र में भी पुनः व्यक्त किया है कि सामाजिक प्रगति का सही-सही मूल्यांकन महिलाओं की स्थिति द्वारा किया जा सकता है। वर्ष 1845 में मार्क्स ने परिवार पर इसके विशिष्ट ऐतिहासिक वातावरण पर ध्यान दिए बिना विचार करने के विरुद्ध चेताया है मैक्स स्टर्नर (1805-1856) की आलोचना करते हुए मार्क्स ने टिप्पणी की थी कि बिना शर्त परिवार के बारे में चर्चा करना भ्रामक होगा। ऐतिहासिक रूप से बुर्जुआ लोगों ने बुर्जुआ परिवार की विशिष्टता प्रदान की जिसमें संबंध ऊबाऊपन तथा पैसे पर आधारित था।