निम्नलिखित गद्यांश को सावधानीपूर्वक पढ़िए और उससे संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
शीत युद्ध के दौरान 'तृतीय विश्व' शब्द ने विश्व भर का ध्यान अपनी ओर खींचा, जो तथाकथित पूंजीवादी 'प्रथम विश्व' या तथाकथित साम्यवादी 'द्वितीय विश्व' की श्रेणी में नहीं आता था। अफ्रीका एशिया और लैटिन अमेरिका के पूर्व में औपनिवेशिक तथा हाल ही में स्वतंत्र हुए देश इस प्रकार से 'तृतीय' थे कि वे आर्थिक एवं सैन्य दृष्टिकोण से 'प्रथम' एवं 'द्वितीय' विश्व पर निर्भर थे तथा परिणामस्वरूप प्रायः वे देश प्रचंड निर्धनता एवं अकाल से पीड़ित थे। इस शब्द का तात्पर्य यह भी था वे देश 'गुट निरपेक्ष' थे, प्रायः तृतीय विश्व के देश युद्ध क्षेत्र के रूप में प्रयुक्त होते थे जिस पर प्रथम और द्वितीय विश्व के बीच भू राजनैतिक संघर्ष होते थे। स्टॉकली कार्मिशेल जैसे प्रथम विश्व के देशों में कतिपय नस्ल विरोधी आंदोलनों और अश्वेत विमुक्तिवादियों ने अपने आंदोलनों को तृतीय विश्व के देशों से संसक्त किया जिसमें राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तरों पर अश्वेत जनता के दासत्व के समांतर स्वरूपों को उजागर किया गया। वर्ष 1970 के दशक से 'तृतीय विश्व' शब्द अपने निंदास्पद विचारधारात्मक प्रभाव साझी औपनिवेशिक अतीत की महत्ता कम होने तथा विशेष रूप में एशिया में आर्थिक विकास के कारण लगभग प्रयोगहीन हो गया है।