निम्नलिखित गद्यांश को पढ़ें और इसके बाद प्रश्न के उत्तर दीजिए।
अधिनायकवाद को अत्यधिक संकेन्द्रित और केन्द्रित शक्ति से चित्रित किया जाता है, जिसे राजनीतिक दमन और राजनीतिक चुनौतियों के बहिष्करण के माध्यम से बनाए रखा जाता है। इसमें शासन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए राजनीतिक दलों एवं जन-संगठनों का उपयोग करते हुए जनता को लामबन्द किया जाता है। अधिनायकवाद में सत्ता के प्रति कोई भी प्रश्न किए बिना आज्ञापालन की अपेक्षा, इस विश्वास के साथ की जाती हैं कि यह सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने और अस्त- व्यवस्तता की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण है। उनकी रूपात्मक भिन्नताओं के वर्णन के लिए अनेक प्रारूप विकसित किए गए हैं। दल, नेता या सैन्य शासन के आधार पर, शासन व्यवस्थाएँ प्रकृति में निरंकुश या अल्पतंत्रीय हो सकती हैं। अधिनायकवादी सरकारों में प्रायः नेताओं के स्वतंत्र एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष चुनाव या दोनों का अभाव होता है। ये वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसी नागरिक स्वतंत्राओं पर भी नियंत्रण रखती हैं। सत्तावादी राज्य नामिक रूप में लोकतांत्रिक संस्थाओं, जैसे-राजनीतिक दलों, संसद और चुनाव को सम्मिलित कर सकते हैं ताकि कपटपूर्ण तथा अप्रतिस्पर्धात्मक तरीकों से चुनाव के माध्यम से तानाशाही को वैध ठहराया जा सके।